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बृहत्संहिता • अध्याय 15 • श्लोक 14
इन्द्राग्निदैवते रक्तपुष्पफलशाखिनः सतिलमुगाः । कर्पासमाषचणकाः पुरन्दरहुताशभक्ताश्च ॥
रक्त पुष्प, रक्त फल, वृष्ठ, तिल, मूंग, कपास (रुई), चना, इन्द्र के भक्त, अग्निभक्त- ये सब विशाखा नक्षत्रगत पदार्थ है।
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