अथ नक्षत्रव्यूहो व्याख्यायते । कस्मिनक्षत्रे के पदार्थों आश्रिता इत्येतद्यत्र निरूप्यते स नक्षत्रव्यूहः। तत्रादावेव कृत्तिकायामाह - आग्नेये सितकुसुमाहिताग्निमन्त्रज्ञसूत्रभाष्यज्ञाः । आकरिकनापितद्विजघटकारपुरोहिताब्दज्ञाः ॥
श्वेत पुष्य, अग्निहोत्री, मन्त्र जानने वाले, यज्ञशास्त्र को जानने वाले, वैयाकरण, खान, आकरिक, हजाम, ब्राह्मण, कुम्भार, पुरोहित, ज्यौतिषये सब कृत्तिका नक्षत्रगत पदार्थ
है ।
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