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बृहत्संहिता • अध्याय 14 • श्लोक 5
अथ पूर्वस्यामञ्जनवृषभध्वजपद्ममाल्यवद्गिरयः । व्याघ्रमुखसुह्मकर्वटचान्द्रपुराः शूर्पकर्णाश्च ॥
पूर्व में चार पर्वत स्थित हैं, अर्थात्:- अंजन, वृषभ ध्वज, पद्म और माल्यवान; फिर व्याघ्रमुख, सुषम, कर्वत, चंद्रपुर, शूर्पकर्ण
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