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बृहत्संहिता • अध्याय 14 • श्लोक 28
गान्धारयशोवतिहेमतालराजन्यखचरगव्याश्च । यौधेयदासमेयाः श्यामाकाः क्षेमधूर्ताश्च ॥
गांधार, यशोवती, हेमतल, क्षत्रिय, खाचर, गव्य, यौधेय, दशमच्य, श्यामक और क्षेमधूर्त स्थित हैं।
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