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बृहत्संहिता • अध्याय 14 • श्लोक 26
केशधरचिपिटनासिकदासेरकवाटधानशरधानाः । तक्षशिलपुष्कलावतकैलावतकण्ठधानाश्च ॥
केशधर, चिपिटानासिक (चपटी नाक), दासेरक, वाटधान, शरधान, तक्षशिला, पुष्कलावत, कैलावत, कण्ठधान
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