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बृहत्संहिता • अध्याय 14 • श्लोक 15
तुंबवनकार्मणय कयाम्योदधितापसाश्रमा ऋषिकाः । कांचीमरुचीपट्टनचेर्यार्यकसिंहला ऋषभाः ॥
तुंबवन, कर्मण्य, दक्षिणी महासागर, आश्रम, ऋषिक, कांची, मरुचिपट्टन, चेर्यारक, सिंहली, ऋषभ
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