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बृहत्संहिता • अध्याय 13 • श्लोक 6
पुलहः क्रतुः इति भगान् आसन्ना अनुक्रमेण पूर्वाद्यात् । तत्र वसिष्ठं मुनिवरमुपाश्रितारुन्धती साध्वी ॥
उसके आगे क्रम में पुलह और क्रतु हैं। सदाचार की प्रतिमान अरुणधति, महान ऋषि वशिष्ठ का अनुसरण कर रही हैं।
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