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बृहत्संहिता • अध्याय 11 • श्लोक 56
असिकेशं भौजंगे पित्र्ये अंगं पाण्ड्यनाथमपि भाग्ये । औज्जयिनिक मार्यम्णे सावित्रे दण्डकाधिपतिम् ॥
यदि तारा अश्लेष हो तो असिकियों का मुखिया मारा जाएगा। यदि तारा माघ हो तो मगध के शासक की मृत्यु हो जायेगी। पांड्य साम्राज्य के राजा पर्वफाल्गुनी नक्षत्र के समय प्रस्थान करेंगे। जब नक्षत्र उत्तरफाल्गुनी होगा, तब उज्जैन के राजा की मृत्यु हो जायेगी। हस्त नक्षत्र होने पर दण्डक देश का स्वामी प्रभावित होगा।
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