मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 11 • श्लोक 35
हन्यात् प्रयागकूलाद् यावदवन्तीं च पुष्करारण्यं । उदग् अपि च देविकामपि भूयिष्ठं मध्यदेशाख्यम् ॥
जब यह धूमकेतु दिखाई देगा, तो प्रयाग के तट से लेकर उज्जैन शहर और पुष्कर वन तक फैले क्षेत्र के लोग नष्ट हो जाएंगे। उत्तर में देविका नदी तक और पूरे मध्य देश में रहने वाले नष्ट हो जायेंगे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें