कपालकेतु नाम का एक धूमकेतु है जो अमावस्या के दिन ही पूर्व दिशा में प्रकट होता है। उसकी किरणें और शिखा धुएँ के रंग की हैं और वह आधे आकाश को पार करता है। वह अकाल, महामारी, सूखा और बीमारियों का कारण बनता है।
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