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बृहत्संहिता • अध्याय 108 • श्लोक 3
प्रहशशियोगः सम्यग्ग्रहवर्षफलं ग्रहाणां च। शृङ्गाटसंस्थितानां मेधानां गर्भलक्षणं चैव ॥
शशिग्रहसमागम, ग्रहवर्षफल, ग्रहमृद्गङ्गाटक, मेघों के गर्भलक्षण।
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