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बृहत्संहिता • अध्याय 108 • श्लोक 1
शास्त्रोपनयः पूर्व सांवत्सरसूत्रमर्कचारश्च । शशिराहुभौमबुधगुरुसितमन्दशिखिग्रहाणां च ॥
पहले शाखोपनय, तत्पश्चात् सांवत्सरसूत्र, अर्कचार, चन्द्रचार, राहुचार, भौमचार, बुधचार, गुरुचार, शुक्रचार, शनिचार, केतुचार ।।१।। गतार्थेयमार्या। शिखिप्रहाः केतवः। चारशब्दोऽत्र सम्बध्यते ।
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