नक्षत्रपुरुष के दोनों पाँव में मूल, दोनों जङ्घाओं में रोहिणी, दोनों जानुओं में अश्विनी, दोनों ऊरुओं में पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा,
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