यदि सूर्य जन्मराशि से नवम राशि में हो तो आपत्ति, दोनता और धन के प्रयोग आदि से विघ्न; दशम में हो तो कठिन विजय और कार्य की सिद्धिः एकादश में हो तो विजय, स्थानलाभ, पूजा और रोग का नाश तथा द्वादश राशि में हो तो सुन्दर स्वभाव वालों की क्रिया फलवतों होती है, दुर्जनों को नहीं। यह सुवृत्ता छन्द है।
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