दशम राशिगत शनि हो तो कैर्म का लाभ तथा धन, विद्या और कीर्ति का नाश होता है। एकादश राशि में शनि हो तो कठोर स्वभाव तथा दूसरे की त्री और धन का
लाभ होता है। द्वादश राशि में शनि हो तो शोक को ऊर्मि (तरंगों) को माला ( समुदाय) की प्राप्ति होती है। यह ऊर्मिमाला छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।