जिसके नमव राशि में शुक्र स्थित हो वह धर्म, स्त्री और सुख भोगने वाला तथा पन और वलों से युत होता है। जिसके दशम राशिगत शुक्र हो, वह मनुष्य परिमित भाषण करने पर भी अपमान और कलह का लाभ करता है। यह प्रमिताक्षरा छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।