षष्ठ राशिगत शुक्र अनादर, रोग और सन्नीग करता है। सप्तम राशिगत शुक्र रखी के
सम्बन्ध को लेकर अनिष्ट करता है। अहम राशिगत शुक्र गृह और रख देने वाला तपा
लक्ष्मीवती खी का लाभ कराने वाला होता है। यह तक्ष्मी छन्द है।
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