पञ्चम राशिगत शुक्र अधिक सन्तोष, बन्धुओं की प्राप्ति, पुत्र और धन का लाथ तथा शत्रु के सैन्यों में अनवस्थिति करता है। यह अनवसिता छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।