यदि द्वितीय राशि में शुक्र हो तो सन्तान, धन, धान्य, राजप्रियता और बन्धुओं से हित कार्यों को प्राप्त करके पुष्प और रत्नों से विभूषित होकर वसन्ततिलका वृक्ष के पुष्पसमान अति बेत बाल होने पर भी कामदेव की सेवा करता है। यह बसन्ततिलका छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।