जन्मराशि में स्थित शुक्र कामदेव के उपकरणों (शयन, भूषण, आच्छादन, अनुलेपन, गीत, बाद्य और नृत्यों), चित्ताह्लादक, सुगन्ध द्रव्य, पुष्प और वख से लाभ कराता है तथा शय्या, गृह, आसन और भोजनों से युत पुरुष को मद्यपान से मतवाली विलासिनी खी के मुखकमल पर भ्रमरत्व का अनुभव कराता है। यह विलासिनी छन्द है।
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