मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 104 • श्लोक 23
विघ्नकरो नवमः शशिपुत्रः कर्मगतो रिपुहा धनदश्च । सप्रमदं शयनं च विधत्ते तद्‌गृहदोऽथकथां स्तरणं च ॥
यदि नवीं राशि में बुध हो तो विघ्नकारक, दशवीं राशि में हो तो शत्रुनाशक, घन देने वाला तथा खी, शय्या, स्ली के सोने का सुन्दर गृह, ऐतिहासिक वार्ता और सुन्दर आस्तरण (बिछौना) देता है। यह दोधक छन्द है ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें