विघ्नकरो नवमः शशिपुत्रः कर्मगतो रिपुहा धनदश्च । सप्रमदं शयनं च विधत्ते तद्गृहदोऽथकथां स्तरणं च ॥
यदि नवीं राशि में बुध हो तो विघ्नकारक, दशवीं राशि में हो तो शत्रुनाशक, घन देने वाला तथा खी, शय्या, स्ली के सोने का सुन्दर गृह, ऐतिहासिक वार्ता और सुन्दर आस्तरण (बिछौना) देता है। यह दोधक छन्द है ।
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