मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 104 • श्लोक 22
सौभाग्यं विजयमयोन्नति च षष्ठे वैवण्य कलहमतीव सप्तमे ज्ञः । मृत्युस्थे जयसुतवस्त्रवित्तलाभा नैपुण्यं भवति मतिप्रहर्षणीयम् ॥
यदि जन्मराशि से छड़ी राशि में बुध हो तो सौभाग्य, विजय और उत्रति कराता है। सातवीं राशि में हो तो चिवर्णता और कलह कराता है। आठवीं राशि में हो तो विजय, पुत्र-वत्र और धन का लाभ तथा हर्षित करने वाली निपुणता का लाभ कराता है। यह प्रहर्षणों छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें