यदि जन्मराशि से दशम स्थान में मंगल हो तो मध्यम फल और एकादश में हो तो अनेक प्रकार के धन की प्राप्ति और जय होती है तथा पुष्पित अग्रभाग वाले वृक्षों से युत वन में भ्रमर की तरह लोगों में प्रधान होकर भोग करता है। यह सुपुष्पिताग्र छन्द है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।