उदररोग होता है। अष्टम में हो तो निकलते हुये रुधिर से विवर्ण शरीर, धन और मान का नाश करता है। जिसके नवम में मंगल हो वह पराभव, अर्थनाश आदि से शरीर में निर्बलता और धातुओं के क्षय से मन्दगति वाला हो जाता है। यह विलम्बितगति छन्द है।
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