यदि विवाहकाल में लग्न से नवम स्थान में शुक्र, सूर्य, मंगल या गुरु हो तो लो को धर्म करने बाली, बुध हो तो नीरोग, राहु और शनि हो तो बन्ध्या तथा चन्द्र हो तो
कन्या उत्पत्र करने वाली और घूमने वाली बनाता है।
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