यदि विवाहकाल में लग्न से सप्तम भाव में शनि, मंगल, गुरु, बुध, राहु, सूर्य, चन्द्र या शुक्र हो तो क्रम से विधवा, बन्धन, विनाश, धननाश, व्याधि, प्रवास और मृत्यु करता है। जैसे कि सप्तम में शनि हो तो विधवा, मंगल हो तो बन्धन इत्यादि करता है।
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