मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 101 • श्लोक 8
चित्राम्बरमाल्यधरः सुलोचनाङ्गश्च चित्रायाम्। दान्तो वणिक् तृषालुः प्रियवाग्धर्माश्रितः स्वाती ॥
चित्रा नक्षत्र में उत्पन्न जातक अनेक रंग के वस्त्र और माला को धारण करने वाला, सुन्दर नेत्र और सुन्दर शरीर वाला होता है। स्वाती नक्षत्र में उत्पन्न जातक इन्द्रियों को वश में रखने वाला, व्यापार करने वाला, दयालु, प्रिय बोलने वाला और धर्म के आश्रय में रहने वाला होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें