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बृहत्संहिता • अध्याय 101 • श्लोक 7
सुभगो विद्याप्तधनो भोगी सुखभाग् द्वितीयफल्गुन्याम् । उत्साही घृष्टः पानपोऽ घृणी तस्करो हस्ते ॥
उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र में उत्पन्न जातक सबों का प्रिय, विद्या से धनोपार्जन करने वाला, भोगी और सुखी होता है। हस्त नक्षत्र में उत्पन्न जातक उत्साही, प्रतिभा से युक्त, निर्लज्ज, मद्यपान करने वाला, अघृणी (निर्दयी) और तस्कर (चोर) होता है।
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