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बृहत्संहिता • अध्याय 101 • श्लोक 6
बहुभृत्यधनी भोगी सुरपितृभक्तो महोद्यमः पित्र्ये । प्रियवाग् दाता द्युतिमानटनो नृपसेवको भाग्ये ॥
मघा नक्षत्र में उत्पत्र जातक बहुत मृत्य और धन से युक्त, भोगी, देवता तथा पितर में भक्ति करने वाला और अत्यन्त उद्यमी होता है। पूर्वाफाल्गुनी में उत्पन्न जातक प्रिय बचन बोलने वाला, दानी, कान्ति से युक्त, भ्रमण करने वाला और राजाओं का सेवक होता है।
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