स्फुटवाग्व्यसनी रिपुहा साहसिकः शतभिषक्सु दुर्गाह्यः । स्त्रीजितधनपटुरदाता भद्रपदासूद्विग्नः च ॥
शतभिषा नक्षत्र में उत्पन्न जातक स्पष्ट बोलने वाला, अनेक व्यसन में आसक्त, शत्रुओं का नाश करने वाला, साहसी और कष्ट से किसी के वश में आने वाला होता है। पूर्वभाद्र में उत्पन्न जातक दुःखित चित्त वाला, खी के वश में रहने वाला, धनी, पण्डित और कृपण होता है।
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