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बृहत्संहिता • अध्याय 100 • श्लोक 1
वववालवकौलवतैतिलाख्यगरवणिजविष्टिसंज्ञानाम् । पतयः स्युरिन्द्रकमलजमित्रार्यमभूश्रियः सयमाः ॥
वव, वालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि-ये सात चल करण हैं। इनके क्रम से इन्द्र, ब्रह्मा, मित्र, अर्थमा, भूमि, श्री और यम स्वामी होते हैं।
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