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बृहत्संहिता • अध्याय 10 • श्लोक 18
रेवत्यां राजभृताः क्रौंचद्वीपाश्रिताः शरत्सस्यम् । शबराश्च निपीड्यन्ते यवनाश्च शनैश्चरे चरति ॥
जब शनि रेवती में हो तो राजा के सेवक, क्रौंच द्वीप में रहने वाले लोग, शरद ऋतु की फसलें, शबर और यवन पीड़ित होंगे।
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