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ब्रह्म • अध्याय 1 • श्लोक 13
कर्मण्यधिकृता ये तु वैदिके ब्राह्मणादयः । तैः संधार्यमिदं सूत्रं क्रियाङ्गं तद्धि वै स्मृतम् ॥
ब्राह्मण आदि जो (वर्ण) वैदिक कर्म के अधिकारी हैं, उन्हीं (मनुष्यों) को ही यह ब्रह्मसूत्र धारण करना चाहिए, क्योंकि यही इसकी कार्य पद्धति का अनिवार्य अङ्ग कहा गया है।
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