मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
ब्रह्म सूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 98
ॐ अनियमः सर्वेषामविरोधश्शब्दानुमानाभ्याम् ॐ ॥
(देवताओं के पथ के साथ आत्माओं की यात्रा) प्रतिबंधित नहीं है (किसी विशेष ध्यान के लिए)। यह सभी ध्यान (योग्य ब्राह्मण पर) पर लागू होता है। इसमें कोई विरोधाभास शामिल नहीं है जैसा कि उपनिषदिक और स्मृति ग्रंथों (शाब्दिक प्रत्यक्ष पाठ और अनुमान) से जाना जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
ब्रह्म सूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

ब्रह्म सूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें