मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
ब्रह्म सूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 94
ॐ साम्पराये तर्तव्याभावात् तथा ह्यन्ये ॐ ॥
(ज्ञानी पुरुष पुण्य और पाप से मुक्त हो जाता है) मृत्यु के समय, क्योंकि प्राप्त करने के लिए कुछ भी नहीं रहता है। इस प्रकार यह है कि अन्य (अर्थात्, अन्य शाखाओं के अनुयायी) राज्य करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
ब्रह्म सूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

ब्रह्म सूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें