मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
ब्रह्म सूत्र • अध्याय 2 • श्लोक 1
॥ अथ द्वितीयोऽध्यायः॥ ॐ स्मृत्यनवकाशदोषप्रसङ्ग इति चेन्नान्यस्मृत्यनवकाशदोषप्रसङ्गात् ॐ ॥
यदि यह तर्क किया जाता है (कि ब्रह्म को ब्रह्मांड के कारण के रूप में स्वीकार करने से) (सांख्य) स्मृतियों के बिना किसी गुंजाइश के छोड़े जाने का दोष उत्पन्न होता है, तो ऐसा नहीं है, अन्यथा अन्य स्मृतियों के दोष उत्पन्न होंगे जो अपना दायरा खो देंगे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
ब्रह्म सूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

ब्रह्म सूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें