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ब्रह्म सूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 2
ॐ जन्माद्यस्य यतः ॐ ॥
वह (ब्रह्म है) जिससे (व्युत्पन्न) इस (ब्रह्मांड) का जन्म आदि होता है।
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