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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 9
तस्मिन्ननन्यता तद्विरोधिषूदासीनता च॥
उस प्रियतम भगवान में अनन्यता और उसके प्रतिकूल विषय में उदासीनता को भी निरोध कहते हैं।
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