मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 84
य इदं नारदप्रोक्ते शिवानुशासनं विश्वसिति श्रद्धत्ते स प्रेष्ठ लभते स प्रेष्ठे लभत इति॥
जो इस नारदोक्त शिवानुशासन में विश्वास और श्रद्धा करते हैं वे प्रियतम को पाते हैं, वे प्रियतम को पाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
भक्तिसूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

भक्तिसूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें