प्रेमरूप भक्ति एक होकर भी १ गुणमाहत्म्यासक्ति, २ रूपासक्ति, ३ पूजासक्ति, ४ स्मरणासक्ति, ५ दास्यासक्ति, ६ सख्यासक्ति, ७ कान्तासक्ति, ८ वात्सल्यासक्ति, ९ आत्मनिवेदनासक्ति, १० तनन््मयतासक्ति और ११ परम विरहासक्ति - इस प्रकार से ग्यारह प्रकार की होती है।
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