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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 79
सर्वदा सर्वभावेन निश्चिन्तितर्भगवानेव भजनीय: ॥
सब समय सर्वभाव से निश्चिन्त होकर (केवल) भगवान्‌ का ही भजन करना चाहिये।
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