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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 6
यज्ज्ञात्वा मत्तो भवति स्तब्धो भवति आत्मारामो भवति॥
जिसको (परम प्रेमरूप भक्ति को) जान (प्राप्त) कर मनुष्य उन्मत्त हो जाता है, स्तब्ध (शान्त) हो जाता है, (और) आत्माराम बन जाता है।
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