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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 39
महत्संगस्तु दुर्लभो5गम्यो5मोघए्च ॥
परन्तु महापुरुषों का संग दुर्लभ, अगम्य और अमोघ है।
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