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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 37
लोके5पि भगवदगुणश्रवणकीर्तनात्‌॥
लोकसमाज में भी भगवत्‌-गुण श्रवण और कीर्तन से (भक्ति-साधन सम्पन्न होता है)।
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