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भक्तिसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 30
स्वयं फलरूपतेति ब्रह्मकुमारा: ॥
ब्रह्मकुमारों के (सनत्कुमारादि और नारद के) मत से भक्ति स्वयं फलरूपा है।
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