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भज गोविन्दम् • अध्याय 1 • श्लोक 10
वयसि गते कः कामविकारः, शुष्के नीरे कः कासारः। क्षीणे वित्ते कः परिवारः, ज्ञाते तत्त्वे कः संसारः॥
आयु बीत जाने के बाद काम भाव नहीं रहता, पानी सूख जाने पर तालाब नहीं रहता, धन चले जाने पर परिवार नहीं रहता और तत्त्व ज्ञान होने के बाद संसार नहीं रहता।
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