काम-क्रोध से सर्वथा रहित, जीते हुए मन वाले और स्वरूप का साक्षात्कार किये हुए सांख्ययोगियों के लिये दोनों ओर से शरीर के रहते हुए अथवा शरीर छूटने के बाद निर्वाण ब्रह्म परिपूर्ण है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
भगवद गीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
भगवद गीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।