प्रजापति ने सृष्टि के आरम्भ में यज्ञ सहित प्रजाओं की रचना करके कहा—तुम लोग इस यज्ञ के द्वारा उन्नति और वृद्धि को प्राप्त होओ; यह यज्ञ तुम्हारी इच्छित कामनाओं को पूर्ण करने वाला(कामधेनु के समान) हो।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
भगवद गीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
भगवद गीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।