हे कुन्तीनन्दन ! अपने स्वभावजन्य कर्म से बँधा हुआ तू मोह के कारण जो नहीं करना चाहता, उसको तू (क्षात्र-प्रकृति के) परवश होकर करेगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
भगवद गीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
भगवद गीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।