मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बरवै रामायण • अध्याय 7 • श्लोक 23
मरत कहत सब सब कहँ सुमिरहु राम। तुलसी अब नहिं जपत समुझि परिनाम॥
तुलसीदासजी कहते हैं कि सब लोग सभी मरणासन्न व्यक्तियों से कहते हैं – ‘राम का स्मरण करो’, किंतु सबका परिणाम (निश्चित मृत्यु है, यह) समझकर अभी (जीवनकाल में ही नाम का) जप नहीं करते।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बरवै रामायण के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बरवै रामायण के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें